This website is in read only mode. To be the part of New YoAlfaaz community, click the button.
+2 votes
17 views
shared in Poem by

प्यार तो  है बहार 
नग्में और सिलसिले 
जब साथ हो चले
तब आती है मुझे किसी की याद 

मिसाल देने लायक मेरी जुबां नहीं
फिर भी ये दिल खोलके आज लिखती हूँ
मेरी कलम में जो प्यार है 
वो आज झलक जाएगा,

सितारों से मांगती हूँ जो दुआ 
उस दुआ का असर  आज हो जाएगा 
बंद आँखों  से जिसे देखा करती हूँ
वो आज सामने आँखों के आजायेगा 

दिल से दुआएं निकलीं हैं 
आस्मां से बहारें बरसीं हैं 
मेरी दिल की हर आरज़ू को 
पूरा करने मेरे उल्लाह की मेहर बरसी है 

आँगन में मुस्कानों का जमघट लग गया 
देखो वो प्यार जिसका था इंतज़ार 
वो दहलीज़ से आँगन में आगया 
अब तो बहार ही बहार है 
प्यार तो सदाबहार है 

commented by
bohot khoob, loved the lines.. :)
commented by
Thank you Gurjyot

Related posts

+2 votes
0 replies 21 views
+3 votes
0 replies 25 views
+4 votes
0 replies 24 views
shared Jan 23, 2017 in Quotation by vikasbharat786
+3 votes
0 replies 29 views
+4 votes
0 replies 49 views
+4 votes
0 replies 77 views
shared Mar 8, 2017 in Poem by Shruti khanna
+2 votes
0 replies 45 views
shared Oct 24, 2016 in Poem by kalpana
+3 votes
0 replies 27 views
shared Oct 24, 2016 in Poem by kalpana
+4 votes
0 replies 42 views
Connect with us:
...