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प्यार तो  है बहार 
नग्में और सिलसिले 
जब साथ हो चले
तब आती है मुझे किसी की याद 

मिसाल देने लायक मेरी जुबां नहीं
फिर भी ये दिल खोलके आज लिखती हूँ
मेरी कलम में जो प्यार है 
वो आज झलक जाएगा,

सितारों से मांगती हूँ जो दुआ 
उस दुआ का असर  आज हो जाएगा 
बंद आँखों  से जिसे देखा करती हूँ
वो आज सामने आँखों के आजायेगा 

दिल से दुआएं निकलीं हैं 
आस्मां से बहारें बरसीं हैं 
मेरी दिल की हर आरज़ू को 
पूरा करने मेरे उल्लाह की मेहर बरसी है 

आँगन में मुस्कानों का जमघट लग गया 
देखो वो प्यार जिसका था इंतज़ार 
वो दहलीज़ से आँगन में आगया 
अब तो बहार ही बहार है 
प्यार तो सदाबहार है 

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bohot khoob, loved the lines.. :)
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Thank you Gurjyot

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