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में उसके पास गया और पूछा , आप क्यों रो रही हो ? क्या हुआ ?

कुछ नहीं.... (लड़की ने कहा).

तो फिर आप रो क्यों रही हो ? इतनी अच्छी शाम है.... भले ही चारो तरफ दुनिया में हल्ला मचा हो पर अभी इस जगह पे कितनी शांति है  ... ऐसी जगह पे कोई भला रोयेगा क्यों ? (मेने कहा)

प्लीज लिव मि अलोन।  अगर में आपको बता भी दुगी तो सब की तरह आप भी मेरी मज़ाक उडावोगे, कोई मुझे समज नहीं सकता। .. में ऐसी ही हु। .. (लड़की ने कहा).

बतावो तो सही, में मज़ाक नहीं उडावुंगा ट्रस्ट मि  (मेने कहा)

लड़की कुछ देर तक चुप रह कर के फिर बोली, में ये डूबते हुवे सूरज को देख कर रो रही हु , डूबता हुआ सूरज देख कर मुझे बहोत बुरा लगता है। ..

[और फिर मुझे हसी आ गयी। में हसने लगा ....]

लड़की ने बड़े गुस्से से मेरी और देखा और कहा, मेने कहा था ना? प्लीज आप चले जावो यहाँ से अब....

PART - 3>>

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nicely done...
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lovelyy... :) :) :)

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