This website is in read only mode. To be the part of New YoAlfaaz community, click the button.
+4 votes
62 views
shared in Essay by
कई बार हमारी खुशियां इतनी सच्ची होती है, की हवाओं में घुल जाती है।   और ये हवाये जहां से भी जिसे भी छू कर गुजरती है। वो भी कही न कही थोड़ी खुशी का एहसास जरूर करता है। और  हम  अनजाने में ही सही,        पर  अपनी खुशियों को बाट लेते है। कई बार हम अज़नबी चेहरों पे मुस्कान देख कर, खुद भी एक पल के लिए खुश  हो जाते हैं। जबकि हमको तो ये भी पता नही होता ,की उनकी खुशियों की  वजह क्या है।  ये  कुदरत  का इंसान  को दिया गया तोहफा  ही तो  है।  की वो औरो की खुशी को महसूस  कर  खुश   हो  सकता  है। और  ग़म को  महसूस  कर  दुखी हो  जाता  है।  हम  कही न कही एक दूसरे से जुड़े हुए है।    हम सब की  दुनिया एक  ही   है। फिर भी हर शक्स की  यहा अपनी दुनिया है। जिसमे वो खुश  रहना चाहता है।  उस दुनिया में उसके कुछ चुनिंदा अपने  खास लोग है। जिनकी वो परवाह करता है।  और अपनी  असली ज़िंदगी को उनमे ही तलाश करता है।  और अपनी  ज़िंदगी में एक दायरा बना लेता है। और उस दायरे के बाहर जीना उसके लिए  अपनों से  बग़ावत की तरह होता  है।  और  वो सारी ज़िंदगी यूँ ही गुजार  देता है। आधी अधूरी खुशियों के साथ, और भूल जाता है की हम अपनी खुशियों को और बढ़ा सकते थे।  ऐसे लोगो को जीना सीखा के जिन्हे ,ज़िंदगी बोझ लगती है। ऐसे लोग जो खुद से खुश नही है। अगर हम अपनी दुनिया से बाहर निकले तो हम इनकी दुनिया को खुशाल बना कर अपनी खुशियों को बढ़ा सकते  है। दुनिया में  हमारे बीच हमारे अपनों के अलावा और एक रिश्ता और  है, जो कुदरत का दिया हुआ है।  जिसे हम इंसानी -रिश्ता कह सकते हैं। और जो  सारे रिश्तो में सबसे ज्यादा खास है। ……
                   "दुनिया के रोशन चिराग तूने कितने किये,
                   काँटों की राहो को गुलशन के बाग़ तूने कितने किये।
                   सारी ही ज़िंदगी बिता दी जीते हुए अपने लिए,
                  ,एक  पल जरा ठहर के सोच,की परायो की ज़िंदगी में अपने दिन कितने दिये।।"
-शिव
commented by
Wonderful  , I just love this post , CLAPSSSSSSSSSSSS
commented by
thank you mam

Related posts

+3 votes
1 reply 52 views
shared Dec 24, 2018 in Poem by Riya
+5 votes
0 replies 33 views
+3 votes
0 replies 119 views
+6 votes
0 replies 56 views
+5 votes
0 replies 291 views
+1 vote
0 replies 26 views
+2 votes
0 replies 35 views
+3 votes
0 replies 54 views
Connect with us:
...